Chhattisgarh GK Practice Set 1: इतिहास के 50 प्रश्न उत्तर सहित
Chhattisgarh GK Practice Set 1 आपके लिए छत्तीसगढ़ के इतिहास से जुड़े 50 चुने हुए प्रश्नों का अभ्यास सेट है। प्राचीन दक्षिण कोसल से लेकर रियासतों, 1857 के संग्राम, भूमकाल, कंडेल नहर सत्याग्रह और 1 नवंबर 2000 को राज्य गठन तक, हर प्रश्न के साथ सही उत्तर और छोटी व्याख्या दी गई है। प्रश्न अलग-अलग शैली में हैं: सीधे प्रश्न, सुमेलन तालिका, कथन आधारित और “निम्न में से कौन” वाले प्रश्न। कोई भी नई जानकारी सीधे आपके फोन तक पहुंचे, इसके लिए आप हमारा WhatsApp चैनल भी जॉइन कर सकते हैं।

इस पोस्ट में क्या है
- Chhattisgarh GK Practice Set 1 क्या है और किसके लिए है
- Chhattisgarh GK Practice Set 1 को सही तरीके से कैसे हल करें
- इस सेट में इतिहास के कौन-कौन से टॉपिक शामिल हैं
- Chhattisgarh GK Practice Set 1: प्राचीन इतिहास (प्रश्न 1 से 10)
- Chhattisgarh GK Practice Set 1: मध्यकाल और रियासतें (प्रश्न 11 से 20)
- Chhattisgarh GK Practice Set 1: रियासतें, 1857 और भूमकाल (प्रश्न 21 से 30)
- Chhattisgarh GK Practice Set 1: गांधी युग और राज्य की मांग (प्रश्न 31 से 40)
- Chhattisgarh GK Practice Set 1: नया राज्य और आधुनिक छत्तीसगढ़ (प्रश्न 41 से 50)
- छत्तीसगढ़ का इतिहास याद रखने की आसान ट्रिक्स
- अपना स्कोर कैसे जांचें और कमजोर टॉपिक कैसे पहचानें
- पूरी उत्तर कुंजी (प्रश्न 1 से 50) – आखिरी जांच
- 7 दिन में इस सेट का रिवीजन प्लान
- आम गलतियां और सावधानियां
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- संबंधित पोस्ट
- आधिकारिक लिंक
Chhattisgarh GK Practice Set 1 क्या है और किसके लिए है
यह Chhattisgarh GK Practice Set 1 खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए है जो छत्तीसगढ़ से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान में इतिहास एक ऐसा विषय है जिसमें नाम, तारीखें और स्थान तीनों साथ में याद रखने पड़ते हैं। पढ़ते समय सब समझ आता है, लेकिन परीक्षा हॉल में विकल्प देखकर दिमाग घूमने लगता है। इसका सबसे अच्छा इलाज है अभ्यास।
इस सेट में कुल 50 प्रश्न हैं। इनमें से हर प्रश्न का उत्तर कई भरोसेमंद स्रोतों से मिलाकर लिखा गया है और जिन बातों पर पक्का भरोसा नहीं था, उन्हें शामिल ही नहीं किया गया। प्रश्न बनाते समय यह भी ध्यान रखा गया कि विकल्प असली परीक्षा जैसे लगें, यानी एक-दो विकल्प सही के काफी करीब हों। इससे आपको अपनी तैयारी की असली तस्वीर मिलती है।
परीक्षा से एक दिन पहले अक्सर ऐसा होता है कि विद्यार्थी नई किताब खोल लेते हैं और घबराहट बढ़ जाती है। ऐसे समय में एक हल किया हुआ सेट दोबारा पढ़ना ज्यादा काम आता है। अगर आप कमजोर विषय पर तैयारी बढ़ाना चाहते हैं, तो इसी श्रृंखला का भूगोल वाला सेट Chhattisgarh GK Practice Set 2 (भूगोल) और संस्कृति-जनजाति वाला सेट Chhattisgarh GK Practice Set 3 (संस्कृति और जनजातियां) भी देख सकते हैं।
Chhattisgarh GK Practice Set 1 को सही तरीके से कैसे हल करें
सेट हल करने के लिए बहुत तामझाम की जरूरत नहीं है। बस एक कॉपी, पेन और एक टाइमर काफी है। नीचे दिए तरीके को आजमाइए:
- टाइमर लगाइए: 50 प्रश्नों के लिए लगभग 35 से 40 मिनट रखिए। असली परीक्षा में समय कम पड़ता है, इसलिए गति की आदत अभी डालिए।
- उत्तर कॉपी में लिखिए: सीधे स्क्रीन पर निशान लगाने के बजाय अपनी कॉपी में 1-क, 2-ख इस तरह लिखिए, ताकि बाद में आसानी से मिलान हो सके।
- पक्का उत्तर पहले, संदेह वाले बाद में: जिन प्रश्नों में दो विकल्प उलझाएं, उन पर निशान लगाकर आगे बढ़ जाइए।
- उत्तर कुंजी से मिलान: हर ब्लॉक के नीचे दी गई व्याख्या जरूर पढ़िए, चाहे उत्तर सही ही क्यों न हो।
- गलत प्रश्नों की सूची: जो प्रश्न गलत हुए उन्हें अलग पन्ने पर लिखकर तीन दिन बाद फिर हल कीजिए।
अगर आपके पास समय कम है, तो पूरे 50 प्रश्न एक बैठक में न करके 10-10 प्रश्नों के पांच हिस्सों में कीजिए। दिन में दो बार भी कर सकते हैं, एक सुबह और एक रात को।
इस सेट में इतिहास के कौन-कौन से टॉपिक शामिल हैं
नीचे दी गई तालिका में देख लीजिए कि कौन-सा ब्लॉक किस विषय का है। इससे आप अपनी कमजोरी वाले हिस्से से सीधे शुरू कर सकते हैं।
| प्रश्न | विषय | मुख्य नाम और शब्द |
|---|---|---|
| 1-10 | प्राचीन इतिहास | दक्षिण कोसल, सिरपुर, कलचुरि, नागवंश, सीताबेंगरा |
| 11-20 | मध्यकाल और रियासतें | जाजल्लदेव, भोरमदेव, काकतीय, मराठा, 14 रियासतें |
| 21-30 | 1857 और भूमकाल | वीर नारायण सिंह, हल्बा विद्रोह, गुंडाधुर, छत्तीसगढ़ मित्र |
| 31-40 | गांधी युग और राज्य की मांग | कंडेल नहर सत्याग्रह, गुरु घासीदास, 1924, 1954, 2000 |
| 41-50 | नया राज्य | पहले मुख्यमंत्री-राज्यपाल, विधानसभा, उच्च न्यायालय, जिलों का विस्तार, भिलाई |
ध्यान रखिए कि इस सेट में सिर्फ वही तथ्य हैं जो आम तौर पर मान्य स्रोतों में मिलते हैं। कुछ मामलों में किताबों के अनुसार तारीखों में थोड़ा अंतर भी मिल सकता है। ऐसे में जो पाठ्यक्रम या सरकारी पुस्तक आपकी परीक्षा के लिए तय है, उसी को अंतिम मानिए।
Chhattisgarh GK Practice Set 1: प्राचीन इतिहास (प्रश्न 1 से 10)
सबसे पहले प्राचीन इतिहास की बारी है। यहां दक्षिण कोसल, सिरपुर, कलचुरि, नागवंश और सीताबेंगरा जैसे नाम मिलेंगे। इन नामों में अक्सर भ्रम होता है, इसलिए पहले हर प्रश्न को खुद हल कीजिए और फिर नीचे दिए उत्तर से मिलान कीजिए। एक छोटी सलाह: उत्तर वाला हिस्सा हाथ या कॉपी से ढक लीजिए, ताकि नजर अपने आप सही विकल्प पर न चली जाए।
प्रश्न 1. प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ का क्षेत्र किस नाम से प्रसिद्ध था?
- (क) उत्तर कोसल
- (ख) दक्षिण कोसल
- (ग) कलिंग
- (घ) अवंति
प्रश्न 2. प्राचीन स्थल सिरपुर (श्रीपुर) किस नदी के तट पर स्थित है?
- (क) महानदी
- (ख) शिवनाथ
- (ग) हसदेव
- (घ) इंद्रावती
प्रश्न 3. सुमेलित कीजिए (स्थान और उनसे जुड़ा राजवंश):
| सूची-I (स्थान) | सूची-II (राजवंश) |
|---|---|
| A. सिरपुर | 1. कलचुरि |
| B. रतनपुर | 2. नागवंशी |
| C. चक्रकोट | 3. पांडुवंशी |
| D. बस्तर (मध्यकाल से आगे) | 4. काकतीय |
- (क) A-3, B-1, C-2, D-4
- (ख) A-1, B-3, C-2, D-4
- (ग) A-3, B-2, C-1, D-4
- (घ) A-4, B-1, C-2, D-3
प्रश्न 4. समुद्रगुप्त के अभियान में दक्षिण कोसल के किस शासक का उल्लेख मिलता है?
- (क) व्याघ्रराज
- (ख) महाशिवगुप्त बालार्जुन
- (ग) महेंद्र
- (घ) हरिषेण
प्रश्न 5. सरगुजा के रामगढ़ की सीताबेंगरा गुफा किस कारण महत्वपूर्ण मानी जाती है?
- (क) मौर्यकालीन किला
- (ख) बौद्ध स्तूप
- (ग) भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक
- (घ) प्राचीन जैन तीर्थ
प्रश्न 6. सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर मुख्य रूप से किस सामग्री से बना है?
- (क) लाल बलुआ पत्थर
- (ख) ग्रेनाइट
- (ग) संगमरमर
- (घ) ईंट
प्रश्न 7. सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर का निर्माण किसने करवाया माना जाता है?
- (क) रानी लक्ष्मीबाई
- (ख) रानी दुर्गावती
- (ग) रानी कर्णावती
- (घ) रानी वासटा देवी
प्रश्न 8. चीनी यात्री ह्वेनसांग (युआन च्वांग) के विवरण में छत्तीसगढ़ के किस प्राचीन स्थल की चर्चा से जुड़ाव माना जाता है?
- (क) सिरपुर
- (ख) रतनपुर
- (ग) राजिम
- (घ) मल्हार
प्रश्न 9. रतनपुर नगर की स्थापना का श्रेय किस कलचुरि शासक को दिया जाता है?
- (क) रत्नराज (रत्नदेव प्रथम)
- (ख) पृथ्वीदेव द्वितीय
- (ग) जाजल्लदेव प्रथम
- (घ) कलिंगराज
प्रश्न 10. बस्तर अंचल में चक्रकोट पर काकतीयों से पहले किस वंश का शासन माना जाता है?
- (क) छिंदक नागवंश
- (ख) भोंसले वंश
- (ग) शरभपुरीय वंश
- (घ) हैहयवंश
उत्तर और व्याख्या: प्रश्न 1 से 10
प्र. 1 – उत्तर (ख) दक्षिण कोसल। इस क्षेत्र को प्राचीन ग्रंथों और अभिलेखों में दक्षिण कोसल कहा गया है। अयोध्या वाला कोसल उत्तर कोसल कहलाता था, इसलिए नाम की समानता में न उलझें।
प्र. 2 – उत्तर (क) महानदी। सिरपुर महानदी के किनारे बसा है। यहां बौद्ध, शैव, वैष्णव और जैन स्मारकों का समूह मिलता है, जिनका समय लगभग पांचवीं से बारहवीं सदी माना जाता है।
प्र. 3 – उत्तर (क) A-3, B-1, C-2, D-4। सिरपुर पांडुवंशी (सोमवंशी) शासकों की राजधानी रहा, रतनपुर कलचुरियों की, चक्रकोट छिंदक नागवंशियों का केंद्र था और बस्तर में काकतीय वंश आगे चलकर स्थापित हुआ। इसलिए सही क्रम A-3, B-1, C-2, D-4 है।
प्र. 4 – उत्तर (ग) महेंद्र। प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार समुद्रगुप्त ने दक्षिण कोसल के राजा महेंद्र को जीता। व्याघ्रराज महाकान्तार के शासक के रूप में याद किए जाते हैं और हरिषेण प्रशस्ति के लेखक हैं, इसलिए ये दोनों विकल्प भटकाने के लिए हैं।
प्र. 5 – उत्तर (ग) भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक। सीताबेंगरा गुफा को प्राचीन रंगमंच (नाट्यशाला) के सबसे पुराने उदाहरणों में गिना जाता है और इसका समय आम तौर पर मौर्यकाल के आसपास माना जाता है। परीक्षा में अक्सर इसे ‘प्राचीन नाट्यशाला’ के रूप में ही पूछा जाता है।
प्र. 6 – उत्तर (घ) ईंट। लक्ष्मण मंदिर ईंटों से बना है और इसे भारत के प्राचीन ईंट मंदिरों में बहुत महत्व मिलता है। यही बात इसे आसपास के पत्थर वाले मंदिरों से अलग पहचान देती है।
प्र. 7 – उत्तर (घ) रानी वासटा देवी। परंपरा और अभिलेखों के आधार पर इसे महाशिवगुप्त बालार्जुन की माता वासटा (वासटादेवी) से जोड़ा जाता है। रानी दुर्गावती, कर्णावती और लक्ष्मीबाई इतिहास की प्रसिद्ध रानियां हैं, पर सिरपुर के मंदिर से उनका संबंध नहीं है, इसलिए नाम देखकर बहकिए मत।
प्र. 8 – उत्तर (क) सिरपुर। ह्वेनसांग के यात्रा-वृत्तांत में जिस प्राचीन नगर का संबंध श्रीपुर (आज के सिरपुर) की बौद्ध परंपरा से जोड़ा जाता है, वही यहां उत्तर है। ऐसे प्रश्न में ‘सिरपुर’ याद रखना काफी रहता है।
प्र. 9 – उत्तर (क) रत्नराज (रत्नदेव प्रथम)। रत्नपुर (रतनपुर) की स्थापना रत्नराज यानी रत्नदेव प्रथम ने की, जो कलिंगराज के पौत्र थे। जाजल्लदेव प्रथम इसी वंश के बाद के प्रसिद्ध शासक हैं और जांजगीर नगर से उनका नाम जुड़ा है।
प्र. 10 – उत्तर (क) छिंदक नागवंश। चक्रकोट (चक्रकूट) क्षेत्र में काकतीयों से पहले छिंदक नागवंशी शासकों का प्रभाव रहा। बाद में बस्तर में काकतीय वंश की सत्ता स्थापित हुई।
स्टडी टिप: प्राचीन इतिहास में नाम बहुत होते हैं और समय कम। इसलिए एक छोटी तालिका बना लीजिए: एक कॉलम में स्थान, दूसरे में वंश, तीसरे में एक पहचान (जैसे सिरपुर – महानदी – ईंट का लक्ष्मण मंदिर)। इस तरह तीन शब्द एक साथ याद रहते हैं।
Chhattisgarh GK Practice Set 1: मध्यकाल और रियासतें (प्रश्न 11 से 20)
अब मध्यकाल में चलते हैं। यहां कलचुरि, भोरमदेव, बस्तर के काकतीय, मराठा काल और रियासतों से जुड़े प्रश्न हैं। इस हिस्से में साल और नाम दोनों याद रखने पड़ते हैं, इसलिए जिन प्रश्नों में अटकें उन पर निशान लगाते चलिए।
प्रश्न 11. जांजगीर नगर का नाम किस कलचुरि शासक के नाम से जुड़ा माना जाता है?
- (क) कलिंगराज
- (ख) जाजल्लदेव प्रथम
- (ग) पृथ्वीदेव प्रथम
- (घ) रत्नदेव द्वितीय
प्रश्न 12. ‘छत्तीसगढ़ का खजुराहो’ किस मंदिर को कहा जाता है?
- (क) महामाया मंदिर, रतनपुर
- (ख) भोरमदेव मंदिर
- (ग) राजीव लोचन मंदिर, राजिम
- (घ) लक्ष्मण मंदिर, सिरपुर
प्रश्न 13. भोरमदेव मंदिर का संबंध किस वंश से जोड़ा जाता है?
- (क) सोमवंश
- (ख) कलचुरि वंश
- (ग) काकतीय वंश
- (घ) फणिनाग (नागवंश)
प्रश्न 14. बस्तर में काकतीय वंश के संस्थापक के रूप में किसे जाना जाता है?
- (क) रुद्रप्रताप देव
- (ख) पुरुषोत्तम देव
- (ग) दलपत देव
- (घ) अन्नमदेव
प्रश्न 15. बस्तर रियासत के अंतिम शासक कौन थे?
- (क) दलपत देव
- (ख) भैरमदेव
- (ग) प्रवीरचंद्र भंजदेव
- (घ) रुद्रप्रताप देव
प्रश्न 16. बस्तर रियासत का भारत संघ में विलय किस वर्ष हुआ?
- (क) 1947
- (ख) 1948
- (ग) 1950
- (घ) 1956
प्रश्न 17. ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का प्रयोग पहली बार किस वर्ष एक आधिकारिक दस्तावेज में मिलता है?
- (क) 1700
- (ख) 1795
- (ग) 1818
- (घ) 1905
प्रश्न 18. सन 1758 में किस शासक की मृत्यु के बाद छत्तीसगढ़ को नागपुर राज्य में मिला लिया गया?
- (क) मोहन सिंह
- (ख) रघुनाथ सिंह
- (ग) बिंबाजी भोंसले
- (घ) रघुजी तृतीय
प्रश्न 19. मराठा काल में छत्तीसगढ़ किस घराने के अधीन रहा?
- (क) सिंधिया
- (ख) पेशवा
- (ग) होल्कर
- (घ) नागपुर के भोंसले
प्रश्न 20. ब्रिटिश काल में छत्तीसगढ़ क्षेत्र की रियासतों की संख्या सामान्यतः कितनी मानी जाती है?
- (क) 10
- (ख) 12
- (ग) 14
- (घ) 16
उत्तर और व्याख्या: प्रश्न 11 से 20
प्र. 11 – उत्तर (ख) जाजल्लदेव प्रथम। जाजल्लदेव प्रथम के नाम पर जांजगीर का नामकरण माना जाता है। उनके रतनपुर अभिलेख की तिथि 1114 ईस्वी मानी जाती है।
प्र. 12 – उत्तर (ख) भोरमदेव मंदिर। भोरमदेव मंदिर की मूर्तिकला खजुराहो और कोणार्क की याद दिलाती है, इसीलिए इसे यह उपनाम मिला। यह मंदिर कबीरधाम जिले में है और भगवान शिव को समर्पित है।
प्र. 13 – उत्तर (घ) फणिनाग (नागवंश)। भोरमदेव का निर्माण फणिनागवंशी शासकों के काल में (लगभग ग्यारहवीं सदी) माना जाता है। कुछ स्रोतों में इसे चक्रकोट के नाग शासकों से भी जोड़ा गया है, पर वंश के रूप में ‘नागवंश’ ही उत्तर रहता है।
प्र. 14 – उत्तर (घ) अन्नमदेव। अन्नमदेव (अन्नमराज) को बस्तर में काकतीय सत्ता की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है। उन्हें काकतीय राजा प्रतापरुद्र का भाई बताया जाता है। समय आम तौर पर 14वीं सदी की शुरुआत मानते हैं।
प्र. 15 – उत्तर (ग) प्रवीरचंद्र भंजदेव। प्रवीरचंद्र भंजदेव बस्तर के अंतिम शासक माने जाते हैं। रुद्रप्रताप देव भूमकाल (1910) के समय के राजा थे।
प्र. 16 – उत्तर (ख) 1948। बस्तर रियासत 1 जनवरी 1948 को भारत संघ में शामिल हुई। 1947 स्वतंत्रता का वर्ष है और 1956 राज्यों के पुनर्गठन का वर्ष, इसलिए तीनों तिथियों को अलग रखकर याद कीजिए।
प्र. 17 – उत्तर (ख) 1795। आम तौर पर माना जाता है कि 1795 में ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का प्रयोग एक आधिकारिक दस्तावेज में हुआ। 1818 में अंग्रेजों का प्रशासनिक दौर शुरू हुआ, इसलिए उसे इस प्रश्न से अलग रखें।
प्र. 18 – उत्तर (क) मोहन सिंह। मोहन सिंह को रतनपुर के अंतिम स्वतंत्र हैहयवंशी/कलचुरि शासक के रूप में याद किया जाता है। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र नागपुर के भोंसले राज्य में मिला लिया गया।
प्र. 19 – उत्तर (घ) नागपुर के भोंसले। छत्तीसगढ़ पर नागपुर के भोंसले राजवंश का शासन रहा। पेशवा, होल्कर और सिंधिया अन्य मराठा घराने हैं, पर इस क्षेत्र से उनका सीधा संबंध नहीं था।
प्र. 20 – उत्तर (ग) 14। छत्तीसगढ़ क्षेत्र की 14 रियासतें गिनी जाती हैं: बस्तर, कांकेर, कवर्धा, राजनांदगांव (नांदगांव), खैरागढ़, छुईखदान, सारंगढ़, रायगढ़, सक्ती, जशपुर, उदयपुर, सरगुजा, कोरिया और चांगभखार।
स्टडी टिप: मध्यकाल को तीन खानों में बांटिए: बिलासपुर-रायपुर पट्टी के कलचुरि, बस्तर के काकतीय और मराठा-ब्रिटिश दौर। हर खाने के लिए तीन-चार मुख्य नाम और एक-दो तारीखें काफी रहती हैं। सब कुछ एक साथ रटने से कुछ भी नहीं टिकता।
Chhattisgarh GK Practice Set 1: रियासतें, 1857 और भूमकाल (प्रश्न 21 से 30)
यह हिस्सा स्वतंत्रता संघर्ष की शुरुआती कड़ियों का है: रियासतें, कला-संरक्षण, वीर नारायण सिंह, हल्बा विद्रोह, गुंडाधुर और छत्तीसगढ़ मित्र। यहां नाम के साथ स्थान भी याद रखना पड़ता है।
प्रश्न 21. निम्न में से कौन-सा स्थान ब्रिटिश काल में छत्तीसगढ़ की रियासत नहीं था?
- (क) कवर्धा
- (ख) बिलासपुर
- (ग) कांकेर
- (घ) रायगढ़
प्रश्न 22. रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह किस कला के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं?
- (क) भरतनाट्यम
- (ख) कथकली
- (ग) कथक नृत्य
- (घ) छऊ नृत्य
प्रश्न 23. 1857 के संग्राम में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद के रूप में किसे जाना जाता है?
- (क) गेंद सिंह
- (ख) हनुमान सिंह
- (ग) गुंडाधुर
- (घ) वीर नारायण सिंह
प्रश्न 24. वीर नारायण सिंह किस स्थान के जमींदार थे?
- (क) सारंगढ़
- (ख) धमतरी
- (ग) पाटन
- (घ) सोनाखान
प्रश्न 25. वीर नारायण सिंह को कब और कहां फांसी दी गई?
- (क) 10 दिसंबर 1857, रायपुर
- (ख) 18 जनवरी 1858, रायपुर
- (ग) 10 दिसंबर 1857, बिलासपुर
- (घ) 26 जनवरी 1858, सोनाखान
प्रश्न 26. हल्बा विद्रोह (1774-1779) मुख्य रूप से किस क्षेत्र में हुआ था?
- (क) कवर्धा
- (ख) रायगढ़
- (ग) सरगुजा
- (घ) बस्तर
प्रश्न 27. बस्तर का प्रसिद्ध भूमकाल विद्रोह किस वर्ष हुआ?
- (क) 1857
- (ख) 1876
- (ग) 1910
- (घ) 1920
प्रश्न 28. भूमकाल विद्रोह के प्रमुख जननायक के रूप में किसे याद किया जाता है?
- (क) गुंडाधुर
- (ख) सुंदरलाल शर्मा
- (ग) वीर नारायण सिंह
- (घ) माधवराव सप्रे
प्रश्न 29. ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ पत्रिका की शुरुआत किस वर्ष और कहां से हुई?
- (क) 1900, पेंड्रा
- (ख) 1920, धमतरी
- (ग) 1930, रायपुर
- (घ) 1910, जगदलपुर
प्रश्न 30. भूमकाल (1910) के समय बस्तर के राजा कौन थे?
- (क) रुद्रप्रताप देव
- (ख) भैरमदेव
- (ग) प्रवीरचंद्र भंजदेव
- (घ) अन्नमदेव
उत्तर और व्याख्या: प्रश्न 21 से 30
प्र. 21 – उत्तर (ख) बिलासपुर। बिलासपुर रियासत नहीं, ब्रिटिश प्रशासन का एक जिला था। कांकेर, कवर्धा और रायगढ़ तीनों रियासतों की सूची में आते हैं।
प्र. 22 – उत्तर (ग) कथक नृत्य। राजा चक्रधर सिंह के संरक्षण में रायगढ़ दरबार कथक और संगीत का बड़ा केंद्र बना, जिसे ‘रायगढ़ घराना’ कहा जाता है। ऐसे प्रश्न में कला का नाम और घराने का नाम साथ याद करें।
प्र. 23 – उत्तर (घ) वीर नारायण सिंह। वीर नारायण सिंह को 1857 के दौर में छत्तीसगढ़ का पहला शहीद माना जाता है। हनुमान सिंह रायपुर की सैन्य टुकड़ी के जवान के रूप में जुड़े हैं और गुंडाधुर भूमकाल (1910) के नायक हैं।
प्र. 24 – उत्तर (घ) सोनाखान। वीर नारायण सिंह सोनाखान के जमींदार थे। सोनाखान आज के बलौदाबाजार-भाटापारा क्षेत्र में आता है।
प्र. 25 – उत्तर (क) 10 दिसंबर 1857, रायपुर। उन्हें 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर फांसी दी गई। इसी कारण यह तारीख छत्तीसगढ़ में शहादत दिवस के रूप में याद की जाती है।
प्र. 26 – उत्तर (घ) बस्तर। हल्बा विद्रोह बस्तर में हुआ, जिसमें हल्बा जनजाति ने मराठा और ब्रिटिश दबाव के विरुद्ध संघर्ष किया। यह छत्तीसगढ़ के प्रारंभिक जनजातीय विद्रोहों में गिना जाता है।
प्र. 27 – उत्तर (ग) 1910। भूमकाल विद्रोह 1910 में हुआ। इसकी पृष्ठभूमि में अंग्रेजों की वन-नीति थी, जिससे आदिवासियों के जंगल के अधिकार सीमित हो रहे थे। ‘भूमकाल’ का अर्थ भूमि के कंपन या उथल-पुथल जैसा समझा जाता है।
प्र. 28 – उत्तर (क) गुंडाधुर। गुंडाधुर (धुरवा जनजाति के नेता) भूमकाल के प्रमुख जननायक थे। उनका नाम बस्तर में आज भी सम्मान से लिया जाता है।
प्र. 29 – उत्तर (क) 1900, पेंड्रा। छत्तीसगढ़ मित्र की शुरुआत 1900 में पेंड्रा से माधवराव सप्रे ने की। यह छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता और साहित्य के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
प्र. 30 – उत्तर (क) रुद्रप्रताप देव। उस समय बस्तर की गद्दी पर राजा रुद्रप्रताप देव थे। प्रवीरचंद्र भंजदेव बाद के और अंतिम शासक थे।
स्टडी टिप: व्यक्ति-स्थान-घटना की तीन कड़ी बनाइए, जैसे वीर नारायण सिंह – सोनाखान – 1857, गुंडाधुर – बस्तर – 1910, माधवराव सप्रे – पेंड्रा – 1900। जब तीनों एक साथ याद हों, तो विकल्पों में फंसने की संभावना बहुत घट जाती है।
Chhattisgarh GK Practice Set 1: गांधी युग और राज्य की मांग (प्रश्न 31 से 40)
अब बीसवीं सदी के आंदोलनों और पृथक राज्य की मांग की बारी है। इस सेक्शन में सुमेलन, क्रम वाले और कथन आधारित प्रश्न भी हैं, जिन्हें आराम से पढ़कर हल कीजिए। जल्दबाजी में ‘केवल’ और ‘सभी’ वाले विकल्प गलत हो जाते हैं।
प्रश्न 31. कंडेल नहर सत्याग्रह किस वर्ष हुआ?
- (क) 1910
- (ख) 1920
- (ग) 1930
- (घ) 1942
प्रश्न 32. कंडेल नहर सत्याग्रह किस जिले में हुआ?
- (क) रायगढ़
- (ख) रायपुर
- (ग) बिलासपुर
- (घ) धमतरी
प्रश्न 33. महात्मा गांधी की पहली छत्तीसगढ़ यात्रा किस वर्ष मानी जाती है?
- (क) 1915
- (ख) 1918
- (ग) 1920
- (घ) 1930
प्रश्न 34. सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास का जन्म किस गांव में हुआ था?
- (क) सिरपुर
- (ख) गिरौदपुरी
- (ग) भोरमदेव
- (घ) सिहावा
प्रश्न 35. इन घटनाओं को पुराने से नए क्रम में लगाइए: (i) कंडेल नहर सत्याग्रह (ii) वीर नारायण सिंह की शहादत (iii) भूमकाल विद्रोह (iv) छत्तीसगढ़ राज्य का गठन
- (क) (iii), (ii), (i), (iv)
- (ख) (ii), (i), (iii), (iv)
- (ग) (ii), (iii), (i), (iv)
- (घ) (i), (ii), (iii), (iv)
प्रश्न 36. निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (क) गुंडाधुर – भूमकाल
- (ख) माधवराव सप्रे – छत्तीसगढ़ मित्र
- (ग) वीर नारायण सिंह – सोनाखान
- (घ) पं. सुंदरलाल शर्मा – हल्बा विद्रोह
प्रश्न 37. पृथक छत्तीसगढ़ राज्य की मांग के बारे में दिए गए कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 1924 में रायपुर कांग्रेस इकाई ने यह मांग उठाई।
- 2. 1954 में राज्य पुनर्गठन आयोग के सामने मांग रखी गई, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
- 3. 1990 के दशक में ‘छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण मंच’ ने अभियान चलाया।
कौन-से कथन सही हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 1 और 2
- (ग) केवल 2 और 3
- (घ) 1, 2 और 3
प्रश्न 38. राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम को कब स्वीकृति दी, जिससे छत्तीसगढ़ के गठन का रास्ता खुला?
- (क) 15 अगस्त 2000
- (ख) 25 अगस्त 2000
- (ग) 9 नवंबर 2000
- (घ) 26 जनवरी 2001
प्रश्न 39. छत्तीसगढ़ किस तारीख को देश का कौन-सा राज्य बना?
- (क) 1 नवंबर 2000, 26वां
- (ख) 1 नवंबर 2000, 28वां
- (ग) 9 नवंबर 2000, 27वां
- (घ) 15 अगस्त 2000, 25वां
प्रश्न 40. कंडेल नहर सत्याग्रह का नेतृत्व किस नेता से जोड़ा जाता है?
- (क) वीर नारायण सिंह
- (ख) पं. सुंदरलाल शर्मा
- (ग) गुंडाधुर
- (घ) माधवराव सप्रे
उत्तर और व्याख्या: प्रश्न 31 से 40
प्र. 31 – उत्तर (ख) 1920। कंडेल नहर सत्याग्रह 1920 में हुआ। यह अंग्रेजों के सिंचाई-कर (नहर पानी के कर) के विरोध में किसानों का अहिंसक आंदोलन था।
प्र. 32 – उत्तर (घ) धमतरी। कंडेल गांव धमतरी क्षेत्र में है। इसलिए इसे धमतरी से जोड़कर याद रखना सबसे आसान रहता है।
प्र. 33 – उत्तर (ग) 1920। गांधीजी की पहली छत्तीसगढ़ यात्रा 1920 में मानी जाती है। इसी दौर में कंडेल सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन का माहौल था।
प्र. 34 – उत्तर (ख) गिरौदपुरी। गुरु घासीदास का जन्म 18 दिसंबर 1756 को गिरौदपुरी में हुआ, जो बलौदाबाजार क्षेत्र में है। उन्होंने सत्य, समानता और मानवता का संदेश दिया।
प्र. 35 – उत्तर (ग) (ii), (iii), (i), (iv)। सही क्रम है: वीर नारायण सिंह की शहादत (1857), भूमकाल (1910), कंडेल सत्याग्रह (1920) और राज्य गठन (2000)। साल याद हों तो क्रम वाले प्रश्न सेकेंडों में हल हो जाते हैं।
प्र. 36 – उत्तर (घ) पं. सुंदरलाल शर्मा – हल्बा विद्रोह। हल्बा विद्रोह का संबंध बस्तर की हल्बा जनजाति और 1774-1779 के संघर्ष से है, पं. सुंदरलाल शर्मा से नहीं। वे कंडेल नहर सत्याग्रह जैसे आंदोलनों से जुड़े रहे।
प्र. 37 – उत्तर (घ) 1, 2 और 3। तीनों कथन सही हैं। राज्य की मांग लंबे समय तक चली और 1990 के दशक में संगठित आंदोलन के रूप में तेज हुई।
प्र. 38 – उत्तर (ख) 25 अगस्त 2000। अधिनियम को 25 अगस्त 2000 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और राज्य 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। इन दोनों तारीखों में अक्सर भ्रम होता है।
प्र. 39 – उत्तर (क) 1 नवंबर 2000, 26वां। छत्तीसगढ़ 1 नवंबर 2000 को देश का 26वां राज्य बना। इसके बाद उत्तराखंड (27वां) और झारखंड (28वां) बने।
प्र. 40 – उत्तर (ख) पं. सुंदरलाल शर्मा। पं. सुंदरलाल शर्मा कंडेल नहर सत्याग्रह के अग्रणी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 1881 में रायपुर के निकट चंद्रसूर गांव में माना जाता है।
स्टडी टिप: कथन आधारित प्रश्न में हर कथन के आगे अपने मन में सही या गलत लिखिए, फिर विकल्प देखिए। पहले विकल्प देखकर कथन जांचने से कई बार दिमाग उसी दिशा में चला जाता है।
Chhattisgarh GK Practice Set 1: नया राज्य और आधुनिक छत्तीसगढ़ (प्रश्न 41 से 50)
आखिरी सेक्शन में राज्य बनने के बाद की बातें हैं: पहले मुख्यमंत्री, राज्यपाल, विधानसभा, उच्च न्यायालय, जिलों का बढ़ना और भिलाई इस्पात संयंत्र। यहां कई तथ्य संख्या वाले हैं, इसलिए संख्याओं को ध्यान से पढ़िए।
प्रश्न 41. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री कौन थे?
- (क) भूपेश बघेल
- (ख) अजीत जोगी
- (ग) विष्णुदेव साय
- (घ) डॉ. रमन सिंह
प्रश्न 42. छत्तीसगढ़ के पहले राज्यपाल कौन थे?
- (क) के. एम. सेठ
- (ख) ई. एस. एल. नरसिम्हन
- (ग) दिनेश नंदन सहाय
- (घ) शेखर दत्त
प्रश्न 43. छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले अध्यक्ष कौन थे?
- (क) राजेंद्र प्रसाद शुक्ल
- (ख) धरमलाल कौशिक
- (ग) प्रेमप्रकाश पांडेय
- (घ) बृजमोहन अग्रवाल
प्रश्न 44. राज्य गठन के बाद विधानसभा का पहला सत्र किस स्थान पर बैठा?
- (क) नया रायपुर मंत्रालय भवन
- (ख) राजकुमार कॉलेज, रायपुर (जशपुर हॉल)
- (ग) इंडोर स्टेडियम, भिलाई
- (घ) बिलासपुर उच्च न्यायालय परिसर
प्रश्न 45. सुमेलित कीजिए (संख्या संबंधी तथ्य):
| सूची-I | सूची-II |
|---|---|
| A. विधानसभा की सीटें | 1. 5 |
| B. लोकसभा की सीटें | 2. 11 |
| C. राज्यसभा की सीटें | 3. 33 |
| D. वर्तमान जिलों की संख्या | 4. 90 |
- (क) A-4, B-2, C-1, D-3
- (ख) A-2, B-4, C-1, D-3
- (ग) A-4, B-1, C-2, D-3
- (घ) A-3, B-2, C-1, D-4
प्रश्न 46. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ कहां स्थित है?
- (क) जगदलपुर
- (ख) दुर्ग
- (ग) बिलासपुर
- (घ) रायपुर
प्रश्न 47. 1 नवंबर 2000 को राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में कितने जिले थे?
- (क) 14
- (ख) 16
- (ग) 18
- (घ) 27
प्रश्न 48. वर्ष 2012 में छत्तीसगढ़ में कितने नए जिले बनाए गए?
- (क) 5
- (ख) 7
- (ग) 9
- (घ) 11
प्रश्न 49. फरवरी 2020 में बना छत्तीसगढ़ का 28वां जिला कौन-सा है?
- (क) बेमेतरा
- (ख) मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
- (ग) सक्ती
- (घ) गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
प्रश्न 50. भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के सहयोग से हुई थी?
- (क) ब्रिटेन
- (ख) अमेरिका
- (ग) सोवियत संघ (रूस)
- (घ) जर्मनी
उत्तर और व्याख्या: प्रश्न 41 से 50
प्र. 41 – उत्तर (ख) अजीत जोगी। अजीत जोगी राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल 9 नवंबर 2000 से 6 दिसंबर 2003 तक रहा।
प्र. 42 – उत्तर (ग) दिनेश नंदन सहाय। दिनेश नंदन सहाय राज्य के पहले राज्यपाल थे। उनका कार्यकाल 1 नवंबर 2000 से 1 जून 2003 तक रहा।
प्र. 43 – उत्तर (क) राजेंद्र प्रसाद शुक्ल। राजेंद्र प्रसाद शुक्ल पहले विधानसभा अध्यक्ष थे। अन्य विकल्प बाद के वर्षों के जाने-माने नेताओं के नाम हैं, इसलिए ‘पहले’ शब्द पर ध्यान दीजिए।
प्र. 44 – उत्तर (ख) राजकुमार कॉलेज, रायपुर (जशपुर हॉल)। विधानसभा की शुरुआती बैठकें रायपुर के राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुईं। नया विधानसभा भवन बाद में बना।
प्र. 45 – उत्तर (क) A-4, B-2, C-1, D-3। विधानसभा में 90 सीटें, लोकसभा में 11 सीटें, राज्यसभा में 5 सीटें हैं और जिलों की संख्या 33 है। इसलिए A-4, B-2, C-1, D-3 सही है।
प्र. 46 – उत्तर (ग) बिलासपुर। उच्च न्यायालय की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई और इसका मुख्यालय बिलासपुर (बोदरी) में है।
प्र. 47 – उत्तर (ख) 16। राज्य बनने के समय 16 जिले थे। 2007 में बीजापुर और नारायणपुर जुड़कर संख्या 18 हुई, फिर आगे 27 और अंत में 33 तक पहुंची।
प्र. 48 – उत्तर (ग) 9। 2012 में नौ नए जिले बने, जिससे कुल संख्या 27 हो गई। इनमें सुकमा, कोंडागांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर शामिल हैं।
प्र. 49 – उत्तर (घ) गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 10 फरवरी 2020 को 28वां जिला बना। सितंबर 2022 में पांच और जिले जुड़े, जिससे कुल 33 जिले हो गए। सक्ती उन्हीं पांच में से है।
प्र. 50 – उत्तर (ग) सोवियत संघ (रूस)। भिलाई इस्पात संयंत्र (दुर्ग जिला, SAIL) सोवियत संघ के सहयोग से बना और वहां उत्पादन 1959 में शुरू हुआ। इसे अपना लौह अयस्क मुख्यतः दल्ली-राजहरा की खदानों से मिलता है।
स्टडी टिप: जिलों की संख्या वाली बातें बदलती रहती हैं। 16 (2000), 18 (2007), 27 (2012), 28 (2020) और 33 (2022) की यह श्रृंखला कॉपी में लिख लीजिए और परीक्षा से पहले आधिकारिक स्रोत से ताजा स्थिति एक बार देख लीजिए।
छत्तीसगढ़ का इतिहास याद रखने की आसान ट्रिक्स
इतिहास को रटने के बजाय कहानी की तरह याद करना ज्यादा टिकाऊ रहता है। नीचे कुछ तरीके हैं जो आम तौर पर विद्यार्थियों के काम आते हैं।
तारीखों की एक पंक्ति वाली तालिका
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1114 ईस्वी | जाजल्लदेव प्रथम का रतनपुर अभिलेख |
| 1758 | मोहन सिंह के बाद क्षेत्र का नागपुर राज्य में मिलना |
| 1795 | ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का आधिकारिक दस्तावेज में पहला प्रयोग |
| 1857 | वीर नारायण सिंह की शहादत (10 दिसंबर) |
| 1900 | छत्तीसगढ़ मित्र की शुरुआत, पेंड्रा |
| 1910 | बस्तर में भूमकाल विद्रोह |
| 1920 | कंडेल नहर सत्याग्रह, गांधीजी की पहली यात्रा |
| 1924 | रायपुर कांग्रेस इकाई द्वारा पृथक राज्य की मांग |
| 1948 | बस्तर रियासत का भारत संघ में विलय |
| 25 अगस्त 2000 | पुनर्गठन अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति |
| 1 नवंबर 2000 | छत्तीसगढ़ राज्य का गठन |
नाम-स्थान की जोड़ियां
एक पन्ने पर जोड़ियां लिख लीजिए: सिरपुर – महानदी, भोरमदेव – कबीरधाम, रतनपुर – बिलासपुर क्षेत्र, सोनाखान – वीर नारायण सिंह, पेंड्रा – छत्तीसगढ़ मित्र, गिरौदपुरी – गुरु घासीदास। रोज सुबह एक बार पढ़िए। एक हफ्ते में ये बिना सोचे याद आने लगेंगी।
भ्रम वाले जोड़े अलग से लिखिए
कुछ नाम आपस में बहुत मिलते-जुलते हैं, जैसे 25 अगस्त 2000 और 1 नवंबर 2000, कंडेल सत्याग्रह (1920) और भूमकाल (1910), या उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल। ऐसे जोड़ों को लाल पेन से अलग पन्ने पर लिखिए। परीक्षा में यही जोड़े विकल्प बनकर आते हैं।
अपना स्कोर कैसे जांचें और कमजोर टॉपिक कैसे पहचानें
स्कोर जांचना आसान है, पर ज्यादातर विद्यार्थी इसे सिर्फ संख्या देखने तक सीमित रख देते हैं। नीचे दिए तरीके से अपना विश्लेषण कीजिए:
- कुल सही उत्तर गिनिए: 50 में से कितने सही हुए?
- ब्लॉक-वार स्कोर लिखिए: हर 10 प्रश्नों में कितने सही रहे। जहां 6 से कम हों, उस विषय को अगले दो दिन में दोबारा पढ़िए।
- अनुमान से लगाए उत्तर पहचानिए: जो उत्तर सिर्फ अंदाजे से सही हुआ, उसे भी ‘कमजोर’ माना जाए।
अगर आपकी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग है, तो अंदाजे वाले उत्तर का असर अलग तरह से पड़ता है। इस पर हमारी विस्तृत पोस्ट उत्तर कुंजी और नेगेटिव मार्किंग से स्कोर कैसे निकालें में पूरा तरीका बताया गया है। वहां से आप अपना अंतिम अंक सही तरीके से निकाल सकते हैं।
एक उदाहरण लीजिए: मान लीजिए आपने 50 में से 38 उत्तर सही दिए, लेकिन उनमें 8 अंदाजे वाले थे। तब आपकी मजबूत पकड़ वाले उत्तर सिर्फ 30 माने जाएंगे। यह संख्या ज्यादा ईमानदार तस्वीर देती है और आपको रिवीजन की सही दिशा दिखाती है। यह सिर्फ समझाने के लिए एक काल्पनिक उदाहरण है, किसी वास्तविक परीक्षा का परिणाम नहीं।
पूरी उत्तर कुंजी (प्रश्न 1 से 50) – आखिरी जांच
नीचे पूरी उत्तर कुंजी एक जगह दी गई है। मैंने सेट पूरा लिखने के बाद हर उत्तर को दोबारा जांचा है, फिर भी अपने हल किए प्रश्नों का मिलान इस तालिका से कर लीजिए। विकल्प के अक्षर (क), (ख), (ग), (घ) हैं।
| समूह | सही उत्तर (प्रश्न संख्या – विकल्प) |
|---|---|
| प्रश्न 1-10 | 1-ख, 2-क, 3-क, 4-ग, 5-ग, 6-घ, 7-घ, 8-क, 9-क, 10-क |
| प्रश्न 11-20 | 11-ख, 12-ख, 13-घ, 14-घ, 15-ग, 16-ख, 17-ख, 18-क, 19-घ, 20-ग |
| प्रश्न 21-30 | 21-ख, 22-ग, 23-घ, 24-घ, 25-क, 26-घ, 27-ग, 28-क, 29-क, 30-क |
| प्रश्न 31-40 | 31-ख, 32-घ, 33-ग, 34-ख, 35-ग, 36-घ, 37-घ, 38-ख, 39-क, 40-ख |
| प्रश्न 41-50 | 41-ख, 42-ग, 43-क, 44-ख, 45-क, 46-ग, 47-ख, 48-ग, 49-घ, 50-ग |
अगर किसी प्रश्न के उत्तर पर आपकी पाठ्य-पुस्तक में अलग जानकारी मिले, तो अपनी परीक्षा की तय पुस्तक या आधिकारिक सूचना को ही आधार मानिए। इतिहास के कुछ बिंदुओं पर अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अंतर मिल सकता है।
7 दिन में इस सेट का रिवीजन प्लान
सेट एक बार हल कर लेना शुरुआत भर है। असली फायदा तब होता है जब आप इसे अलग-अलग दिनों में दोहराते हैं। नीचे एक आसान सात दिन का प्लान है। इसे अपने समय के हिसाब से बदल सकते हैं। पूरे साल की तैयारी की रूपरेखा के लिए परीक्षा तैयारी टाइमटेबल 2027 देखिए।
| दिन | काम |
|---|---|
| दिन 1 | पूरा सेट बिना देखे हल कीजिए, स्कोर लिखिए |
| दिन 2 | गलत और संदेह वाले प्रश्नों की व्याख्या पढ़िए, जोड़ियां लिखिए |
| दिन 3 | प्राचीन और मध्यकाल (1-20) दोबारा हल कीजिए |
| दिन 4 | स्वतंत्रता संघर्ष (21-40) दोबारा हल कीजिए |
| दिन 5 | नया राज्य (41-50) और जिलों की श्रृंखला दोहराइए |
| दिन 6 | पूरा सेट दोबारा हल कीजिए, समय नापिए |
| दिन 7 | सिर्फ गलत प्रश्न और तारीखों की तालिका पढ़िए, फिर अगला सेट शुरू कीजिए |
परीक्षा की तारीखें जानने के लिए CGSSB परीक्षा कैलेंडर 2027 पर नजर रखिए, ताकि आपकी तैयारी की रफ्तार तारीख के हिसाब से तय हो सके।
आम गलतियां और सावधानियां
तैयारी के दौरान और परीक्षा से जुड़ी जानकारी खोजते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं:
- नकली वेबसाइट और लिंक: भर्ती, प्रवेश पत्र या परिणाम की जानकारी केवल आधिकारिक साइटों (cgssb.cgstate.gov.in और psc.cg.gov.in) से लीजिए। किसी अनजान लिंक पर अपना विवरण मत भरिए।
- पैसे मांगने वाले एजेंट: कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर चयन, पेपर या प्रश्नों का वादा करे, तो उससे दूर रहिए। चयन केवल आपकी मेहनत और आधिकारिक प्रक्रिया से होता है।
- OTP और पासवर्ड: अपना OTP, पासवर्ड या बैंक विवरण कभी किसी से साझा मत कीजिए, चाहे वह खुद को परीक्षा विभाग का बताए।
- सिर्फ उत्तर रटना: प्रश्न की जगह सिर्फ उत्तर रटने से बदले हुए प्रश्न में फंस जाएंगे। व्याख्या पढ़कर कारण समझिए।
- तारीख और संख्या में भ्रम: 25 अगस्त और 1 नवंबर 2000 जैसे जोड़े अलग लिखिए।
- पुराने आंकड़े: जिलों की संख्या जैसे तथ्य बदलते हैं, इसलिए ताजा आधिकारिक जानकारी जरूर देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Chhattisgarh GK Practice Set 1 में कितने प्रश्न हैं?
इसमें इतिहास के कुल 50 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो पांच ब्लॉक में 10-10 के क्रम में बांटे गए हैं। हर प्रश्न के साथ उत्तर और व्याख्या दी गई है।
क्या यह सेट सभी छत्तीसगढ़ परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
यह सामान्य अभ्यास के लिए है। आम तौर पर छत्तीसगढ़ से जुड़ी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास के बुनियादी तथ्य काम आते हैं, पर अपने पाठ्यक्रम को हमेशा आधिकारिक विज्ञापन से मिलाइए।
क्या इसमें प्रश्न असली परीक्षा से लिए गए हैं?
नहीं। ये अभ्यास के लिए बनाए गए प्रश्न हैं। हम किसी परीक्षा के असली प्रश्न होने का दावा नहीं करते।
एक बार में पूरा सेट हल करना जरूरी है?
जरूरी नहीं। चाहें तो 10-10 प्रश्नों के हिस्सों में हल कीजिए। परीक्षा जैसा अभ्यास चाहिए तो एक ही बैठक में 40 मिनट में कीजिए।
अगर मेरे उत्तर में अंतर आए तो क्या करें?
पहले व्याख्या पढ़िए, फिर अपनी पाठ्य-पुस्तक देखिए। इतिहास में कुछ तारीखों पर स्रोतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। परीक्षा के लिए तय पुस्तक को ही आधार मानिए।
इतिहास के लिए रोज कितना समय देना ठीक रहेगा?
शुरुआत में रोज 45 मिनट से 1 घंटा काफी रहता है। इसमें 30 मिनट पढ़ाई और 15-30 मिनट प्रश्न-अभ्यास रखिए।
क्या अगला सेट भूगोल का है?
हां, इसी श्रृंखला का दूसरा सेट भूगोल पर है, जिसमें नदियां, जिले, राष्ट्रीय उद्यान, खनिज और मिट्टी से जुड़े 50 प्रश्न हैं।
नेगेटिव मार्किंग हो तो अंदाजे से उत्तर देना ठीक है?
यह परीक्षा के नियम पर निर्भर करता है। विज्ञापन में लिखे अंकन-नियम पढ़िए और हमारी नेगेटिव मार्किंग वाली पोस्ट से अपना स्कोर निकालकर रणनीति तय कीजिए।
तारीखें कैसे याद रखें?
पहले 8-10 मुख्य वर्ष (1857, 1910, 1920, 1948, 2000 आदि) पक्के कीजिए और बाकी घटनाओं को इनसे जोड़कर याद कीजिए। तालिका बनाकर रोज एक बार पढ़ना काम आता है।
क्या मैं इस सेट से सीधे मॉडल पेपर की तरह अभ्यास कर सकता हूं?
हां, पर इसे केवल इतिहास के अभ्यास की तरह लीजिए। पूरी परीक्षा की तैयारी के लिए गणित, तर्कशक्ति और विज्ञान के अभ्यास सेट भी हल कीजिए।
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