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Chhattisgarh GK Practice Set 3: संस्कृति और जनजातियों के 50 प्रश्न

Chhattisgarh GK Practice Set 3 में आपका स्वागत है। पहले दो सेट में हमने इतिहास और भूगोल देखा था, और इस बार बारी है उस हिस्से की जो छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा अलग और रंगीन बनाता है, यानी यहां की संस्कृति और जनजातियां। इस सेट में कुल 50 प्रश्न हैं, हर प्रश्न के साथ सही उत्तर और एक छोटी-सी व्याख्या दी गई है, ताकि आप सिर्फ रटें नहीं, बल्कि समझकर याद रखें। हर तथ्य को हमने भरोसेमंद स्रोतों से मिलाकर ही रखा है और जिस प्रश्न पर पक्का भरोसा नहीं हुआ, उसे सेट से हटा दिया है। ऐसे ही रोज़ के अपडेट और अभ्यास सेट पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ जाइए।

Chhattisgarh GK Practice Set 3 - छत्तीसगढ़ की संस्कृति और जनजातियों के 50 प्रश्न

इस पोस्ट में क्या है

संस्कृति वाले प्रश्न क्यों जरूरी हैं

परीक्षा से एक दिन पहले अक्सर ऐसा होता है कि हम इतिहास की तारीखें और भूगोल के आंकड़े तो दोहरा लेते हैं, लेकिन संस्कृति वाला हिस्सा “बाद में देख लेंगे” कहकर छोड़ देते हैं। असल में यही हिस्सा सबसे आसान अंक दे सकता है, क्योंकि यहां के प्रश्न सीधे और सरल होते हैं। पंथी नृत्य किसका है, हरेली कब मनाते हैं, कोसा रेशम कहां बनता है, इस तरह के प्रश्नों में लंबी गणना नहीं करनी पड़ती, बस जानकारी साफ होनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ की परीक्षाओं में राज्य का सामान्य ज्ञान आम तौर पर एक अलग हिस्से के रूप में आता है। कितने प्रश्न आएंगे और किस विषय से आएंगे, यह हर परीक्षा के विज्ञापन और पाठ्यक्रम में लिखा होता है, इसलिए अपनी परीक्षा का पाठ्यक्रम जरूर खोलकर देख लें। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना, और तब से यहां की लोक-परंपराओं, जनजातियों और कलाओं पर काफी लिखा-पढ़ा गया है, इसलिए प्रश्न बनाने वालों के पास भी सामग्री की कमी नहीं रहती।

इस Chhattisgarh GK Practice Set 3 को हमने चार भागों में बांटा है ताकि आप अपनी कमजोर कड़ी पहचान सकें। जनजातियों में आप ज्यादा अटकते हैं, या त्योहारों की तिथियों में, या लेखकों और व्यक्तित्वों के नाम में? यह जानना ही असली फायदा है। अगर आपने अभी तक इतिहास और भूगोल वाले सेट नहीं किए हैं, तो इन्हें भी साथ में कर लें: Chhattisgarh GK Practice Set 1 (इतिहास) और Chhattisgarh GK Practice Set 2 (भूगोल)।

Chhattisgarh GK Practice Set 3 को कैसे हल करें

Chhattisgarh GK Practice Set 3 का पूरा फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे परीक्षा की तरह हल करें, न कि सीधे उत्तर पढ़ते जाएं। नीचे के चरण अपनाकर देखिए, ये बहुत आसान हैं।

  1. पहले उत्तर ढक लें। पोस्ट में हर प्रश्न के नीचे उत्तर लिखा है। पहले एक कागज या मोबाइल का कवर उत्तर के ऊपर रखकर प्रश्न हल करें।
  2. समय तय करें। 50 प्रश्नों के लिए 25 से 30 मिनट काफी हैं। यानी हर प्रश्न पर आधे मिनट के आसपास।
  3. कॉपी पर विकल्प लिखें। सिर्फ मन में सोचकर आगे न बढ़ें। कॉपी पर 1-A, 2-C जैसे लिखते जाएं, ताकि बाद में असली जांच हो सके।
  4. अनुमान के प्रश्न पर निशान लगाएं। जिन प्रश्नों में आपने अंदाजे से उत्तर दिया, उनके आगे तारा (*) लगा दें। सही निकलने पर भी उन्हें दोबारा पढ़ना है।
  5. अंत में उत्तर मिलाएं और व्याख्या पढ़ें। सही उत्तर वाले प्रश्नों की भी व्याख्या एक बार पढ़ लें, क्योंकि उसी में अगली बार के प्रश्न का सुराग छिपा होता है।
  6. गलत प्रश्नों की अलग सूची बनाएं। एक छोटी नोटबुक में सिर्फ वही तथ्य लिखें जो आपसे छूटे।

एक बात और, इन 50 प्रश्नों में नेगेटिव मार्किंग का अभ्यास भी करना चाहें तो हर गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक घटाकर देख सकते हैं। नेगेटिव मार्किंग हर परीक्षा में अलग होती है, इसलिए असली नियम आधिकारिक विज्ञापन में देखें। स्कोर निकालने का तरीका समझना हो तो उत्तर कुंजी और नेगेटिव मार्किंग से स्कोर निकालने की गाइड काम आएगी।

भाग 1: जनजातियां (प्रश्न 1 से 11)

Chhattisgarh GK Practice Set 3 का पहला भाग जनजातियों पर है। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजातियों की आबादी काफी बड़ी है, 2011 की जनगणना के आधार पर यह लगभग 30 प्रतिशत से ऊपर बताई जाती है। इसलिए जनजातियों से हर परीक्षा में कुछ न कुछ पूछा ही जाता है। यहां की पांच विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) भी बार-बार पूछे जाते हैं।

प्रश्न 1 से 5

प्रश्न 1. छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी जनजाति कौन-सी है?

  • (A) हल्बा
  • (B) गोंड
  • (C) उरांव
  • (D) कमार

उत्तर: (B) गोंड। व्याख्या: गोंड राज्य की सबसे अधिक आबादी वाली जनजाति है। इसकी बोली गोंडी दक्षिण छत्तीसगढ़ में खास तौर पर बोली जाती है।

प्रश्न 2. छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की संख्या कितनी मानी जाती है?

  • (A) 3
  • (B) 4
  • (C) 5
  • (D) 7

उत्तर: (C) 5। व्याख्या: ये पांच हैं अबूझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार और पहाड़ी कोरवा। पांचों के नाम एक साथ याद रखना सबसे अच्छा है, क्योंकि प्रश्न अक्सर “इनमें से कौन PVTG नहीं है” के रूप में आता है।

प्रश्न 3. इनमें से कौन-सी जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) है?

  • (A) गोंड
  • (B) बैगा
  • (C) हल्बा
  • (D) उरांव

उत्तर: (B) बैगा। व्याख्या: बैगा पांच PVTG में शामिल है। गोंड, हल्बा और उरांव बड़ी जनजातियां हैं, जो इस विशेष श्रेणी में नहीं गिनी जातीं।

प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सी जनजाति छत्तीसगढ़ के PVTG में शामिल नहीं है?

  • (A) कमार
  • (B) बिरहोर
  • (C) पहाड़ी कोरवा
  • (D) हल्बा

उत्तर: (D) हल्बा। व्याख्या: हल्बा समुदाय बुनाई और हस्तकला के लिए जाना जाता है, पर वह PVTG नहीं है। बाकी तीनों विकल्प (कमार, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा) PVTG हैं।

प्रश्न 5. युवाओं के सामूहिक शयनगृह “घोटुल” की परंपरा किस जनजाति से जोड़ी जाती है?

  • (A) मुरिया
  • (B) बैगा
  • (C) कोरवा
  • (D) कंवर

उत्तर: (A) मुरिया। व्याख्या: घोटुल बस्तर अंचल की मुरिया जनजाति की जानी-पहचानी संस्था है, जहां गांव के युवा गीत, नृत्य और सामाजिक जिम्मेदारियां सीखते हैं। मुरिया लोग मुख्य रूप से बस्तर क्षेत्र में, इंद्रावती नदी के उत्तर की ओर रहते हैं।

प्रश्न 6 से 11

प्रश्न 6. गोदना (शरीर पर टैटू जैसी कला) के लिए विशेष रूप से किस जनजाति की महिलाएं जानी जाती हैं?

  • (A) हल्बा
  • (B) कंवर
  • (C) भतरा
  • (D) बैगा

उत्तर: (D) बैगा। व्याख्या: बैगा महिलाओं में गोदना की परंपरा खास है। इसे सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि पहचान और आस्था से भी जोड़कर देखा जाता है।

प्रश्न 7. दक्षिण छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से कौन-सी भाषा/बोली बोली जाती है?

  • (A) सादरी
  • (B) गोंडी
  • (C) कुड़ुख
  • (D) भोजपुरी

उत्तर: (B) गोंडी। व्याख्या: गोंडी दक्षिणी हिस्से की प्रमुख बोली है। सरगुजा अंचल की तरफ कुड़ुख और कोरवा जैसी बोलियां सुनाई देती हैं।

प्रश्न 8. कुड़ुख बोली किस जनजाति की मातृभाषा है?

  • (A) उरांव
  • (B) कमार
  • (C) बैगा
  • (D) गोंड

उत्तर: (A) उरांव। व्याख्या: उरांव समुदाय की भाषा कुड़ुख है, और यह जनजाति खास तौर पर सरगुजा-जशपुर की तरफ बसी है।

प्रश्न 9. सरहुल और करमा पर्व किस जनजाति से विशेष रूप से जुड़े माने जाते हैं?

  • (A) कमार
  • (B) बिरहोर
  • (C) उरांव
  • (D) हल्बा

उत्तर: (C) उरांव। व्याख्या: सरहुल और करमा दोनों उरांव समाज के प्रमुख पर्व हैं। करमा नृत्य गोंड और बैगा समुदायों में भी होता है।

प्रश्न 10. “गौर नृत्य” किस जनजाति से जुड़ा है?

  • (A) कोरवा
  • (B) बाइसन हॉर्न माड़िया
  • (C) बिरहोर
  • (D) कमार

उत्तर: (B) बाइसन हॉर्न माड़िया। व्याख्या: इस नृत्य में नर्तक गौर (जंगली भैंसे) के सींगों जैसा मुकुट पहनते हैं, इसीलिए माड़िया जनजाति की यह शाखा “बाइसन हॉर्न माड़िया” कहलाती है।

प्रश्न 11. कमार जनजाति किस हस्तकला से विशेष रूप से जुड़ी बताई जाती है?

  • (A) धातु ढलाई
  • (B) टेराकोटा
  • (C) बांस की बुनाई
  • (D) कोसा रेशम

उत्तर: (C) बांस की बुनाई। व्याख्या: कमार लोग बांस की टोकरी, सूप और दूसरे सामान बनाने के लिए जाने जाते हैं। साथ में लकड़ी का शिल्प भी उनके काम में आता है।

भाग 2: लोक नृत्य, कला और शिल्प (प्रश्न 12 से 25)

Chhattisgarh GK Practice Set 3 का यह हिस्सा सबसे मज़ेदार है, क्योंकि यहां नृत्य, गीत, रंगमंच और हस्तशिल्प सब एक साथ मिलते हैं। नृत्य को उसके समुदाय से, और शिल्प को उसकी जगह से जोड़कर याद करेंगे तो गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी।

प्रश्न 12 से 18

प्रश्न 12. माघी पूर्णिमा पर होने वाला पंथी नृत्य किस समुदाय से जुड़ा है?

  • (A) हल्बा
  • (B) सतनामी
  • (C) कंवर
  • (D) गोंड

उत्तर: (B) सतनामी। व्याख्या: पंथी नृत्य सतनामी समाज का है और गुरु घासीदास की जयंती के अवसर पर माघी पूर्णिमा को खास तौर पर किया जाता है। नर्तक जैतखाम के चारों ओर घेरा बनाकर नाचते हैं।

प्रश्न 13. यादव (राउत) समुदाय का राउत नाच दीवाली के बाद किस तिथि तक चलता है?

  • (A) देवउठनी एकादशी
  • (B) हरेली
  • (C) पोला
  • (D) तीजा

उत्तर: (A) देवउठनी एकादशी। व्याख्या: राउत नाच चरवाहों का परंपरागत नृत्य है, जिसे कृष्ण की आराधना से जोड़ा जाता है। यह दीवाली के चौथे दिन से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलता है।

प्रश्न 14. सुवा नृत्य को और किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) मोर नृत्य
  • (B) हिरण नृत्य
  • (C) मैना नृत्य
  • (D) तोता नृत्य

उत्तर: (D) तोता नृत्य। व्याख्या: सुवा (सुआ) का मतलब तोता है। महिलाएं मिट्टी के तोते को बीच में रखकर गोल घेरे में ताली बजाते हुए गाती और नाचती हैं।

प्रश्न 15. करमा नृत्य मुख्य रूप से किन जनजातियों में प्रचलित है?

  • (A) केवल कमार
  • (B) गोंड, बैगा और उरांव
  • (C) केवल बिरहोर
  • (D) केवल मुरिया

उत्तर: (B) गोंड, बैगा और उरांव। व्याख्या: करमा एक समूह नृत्य है जो कई जनजातियों में अलग-अलग रूप में मिलता है। इसे बरसात के बाद और फसल के मौसम की खुशी से जोड़ा जाता है।

प्रश्न 16. “पंडवानी” लोकगायन में किसकी कथा गाई जाती है?

  • (A) रामायण
  • (B) आल्हा-ऊदल
  • (C) महाभारत के पांडवों की
  • (D) कृष्ण लीला

उत्तर: (C) महाभारत के पांडवों की। व्याख्या: “पंडवानी” का शाब्दिक अर्थ ही पांडवों की कथा है। इसकी दो शैलियां मानी जाती हैं, वेदमती और कापालिक।

प्रश्न 17. पंडवानी की प्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई किस शैली में गायन के लिए जानी जाती हैं?

  • (A) कापालिक
  • (B) वेदमती
  • (C) भरथरी
  • (D) ददरिया

उत्तर: (A) कापालिक। व्याख्या: तीजन बाई ने कापालिक शैली में गाकर महिला कलाकार के रूप में नई पहचान बनाई। कापालिक शैली में कलाकार खड़े होकर, तंबूरा हाथ में लिए अभिनय के साथ कथा सुनाता है।

प्रश्न 18. “पंडवानी के जनक” के रूप में किनका नाम लिया जाता है?

  • (A) महासिंह चंद्राकर
  • (B) दाऊ रामचंद्र देशमुख
  • (C) झाड़ूराम देवांगन
  • (D) हबीब तनवीर

उत्तर: (C) झाड़ूराम देवांगन। व्याख्या: राज्य के सामान्य ज्ञान में झाड़ूराम देवांगन को पंडवानी का जनक कहा जाता है। बाकी तीनों नाम भी लोक-संस्कृति से जुड़े हैं, इसलिए भ्रम होना स्वाभाविक है, पर “जनक” वाला नाम अलग है।

प्रश्न 19 से 25

प्रश्न 19. तीजन बाई को पद्म विभूषण किस वर्ष मिला?

  • (A) 2003
  • (B) 2008
  • (C) 2012
  • (D) 2019

उत्तर: (D) 2019। व्याख्या: उन्हें 2019 में पद्म विभूषण मिला। ध्यान रखें कि 2003 में उन्हें पद्म भूषण मिला था, इसलिए विकल्प (A) जाल है।

प्रश्न 20. नाटक “चरणदास चोर” किसने लिखा/प्रस्तुत किया, जो नया थिएटर के साथ जुड़ा है?

  • (A) हबीब तनवीर
  • (B) विनोद कुमार शुक्ल
  • (C) माधवराव सप्रे
  • (D) नरेंद्र देव वर्मा

उत्तर: (A) हबीब तनवीर। व्याख्या: हबीब तनवीर ने छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के साथ रंगमंच पर प्रसिद्ध काम किया, और “चरणदास चोर” उनकी पहचान बना। उन्हें 2002 में पद्म भूषण भी मिला।

प्रश्न 21. छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को आम बोलचाल में क्या कहा जाता है?

  • (A) टॉलीवुड
  • (B) छॉलीवुड
  • (C) कॉलीवुड
  • (D) मॉलीवुड

उत्तर: (B) छॉलीवुड। व्याख्या: छत्तीसगढ़ + हॉलीवुड की तर्ज पर यह नाम चलन में आया। बाकी विकल्प दूसरे क्षेत्रों की फिल्म इंडस्ट्री के नाम हैं।

प्रश्न 22. पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कौन-सी मानी जाती है?

  • (A) घर द्वार
  • (B) मोर छंइहा भुंइया
  • (C) कहि देबे संदेस
  • (D) झन भूलो मां बाप ला

उत्तर: (C) कहि देबे संदेस। व्याख्या: इसे पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म माना जाता है। बाकी तीनों भी छत्तीसगढ़ी फिल्में हैं, पर पहली नहीं।

प्रश्न 23. “तुम्बा शिल्प” में मुख्य रूप से किस चीज़ का उपयोग होता है?

  • (A) नारियल का खोल
  • (B) साल की छाल
  • (C) कांसा
  • (D) सूखी जंगली लौकी

उत्तर: (D) सूखी जंगली लौकी। व्याख्या: सूखी लौकी को खोखला करके उससे दीये, खिलौने, गहने और सजावटी सामान बनाए जाते हैं।

प्रश्न 24. बस्तर के प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प में कौन-सी तकनीक अपनाई जाती है?

  • (A) मोम-ढलाई (लॉस्ट-वैक्स)
  • (B) हाथ की बुनाई
  • (C) चाक पर मिट्टी का काम
  • (D) कपड़े की छपाई

उत्तर: (A) मोम-ढलाई (लॉस्ट-वैक्स)। व्याख्या: इसमें पहले मोम का सांचा बनता है, फिर उस पर मिट्टी चढ़ाकर पिघली धातु डाली जाती है। बस्तर में घड़वा समुदाय के कारीगर इसके लिए जाने जाते हैं, और बस्तर का ढोकरा बैल बहुत मशहूर है।

प्रश्न 25. कोसा रेशम के प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में किन्हें गिना जाता है?

  • (A) बीजापुर और सुकमा
  • (B) कांकेर और नारायणपुर
  • (C) कोरबा और चांपा
  • (D) कवर्धा और बलौदाबाजार

उत्तर: (C) कोरबा और चांपा। व्याख्या: कोसा रेशम अर्जुन, साजा और साल जैसे पेड़ों पर पलने वाले कीड़ों के कोये से बनता है। चांपा का कोसा देश भर में पहचाना जाता है।

भाग 3: त्योहार और मेले (प्रश्न 26 से 37)

Chhattisgarh GK Practice Set 3 में त्योहारों के हिस्से में सबसे ज्यादा गड़बड़ तिथि और महीने को लेकर होती है। अपने मन में एक छोटा कैलेंडर बना लें: श्रावण में हरेली, भाद्रपद में पोला और तीजा, पौष में छेरछेरा, माघ में राजिम कुंभ। इतना याद हो गया तो आधा काम हो गया।

प्रश्न 26 से 31

प्रश्न 26. हरेली पर्व किस अमावस्या को मनाया जाता है?

  • (A) माघ
  • (B) श्रावण
  • (C) भाद्रपद
  • (D) कार्तिक

उत्तर: (B) श्रावण। व्याख्या: हरेली को छत्तीसगढ़ का पहला प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसमें हल, कुदाल जैसे खेती के औजारों और पशुओं की पूजा होती है।

प्रश्न 27. पोला पर्व किस तिथि को और किसकी पूजा के लिए मनाया जाता है?

  • (A) माघ पूर्णिमा, बैलगाड़ी
  • (B) श्रावण अमावस्या, हल
  • (C) भाद्रपद अमावस्या, बैल
  • (D) कार्तिक पूर्णिमा, गाय

उत्तर: (C) भाद्रपद अमावस्या, बैल। व्याख्या: पोला में किसान खेती में साथ देने वाले बैलों का आभार मानते हैं। बच्चे मिट्टी और लकड़ी के नंदी बैल से खेलते हैं।

प्रश्न 28. तीजा पर्व में विवाहित महिलाएं क्या करती हैं?

  • (A) मायके जाकर पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं
  • (B) हल की पूजा करती हैं
  • (C) बैलों की दौड़ कराती हैं
  • (D) धान की बाली घर लाती हैं

उत्तर: (A)। व्याख्या: छत्तीसगढ़ में तीजा का खास रंग यह है कि बेटियों को मायके बुलाया जाता है और वे वहीं व्रत रखती हैं।

प्रश्न 29. बस्तर के गोंचा पर्व की पहचान क्या है?

  • (A) दीपों की माला
  • (B) रथयात्रा और बांस की तुपकी से सलामी
  • (C) बैलों की दौड़
  • (D) धान की पहली बाली का पूजन

उत्तर: (B) रथयात्रा और बांस की तुपकी से सलामी। व्याख्या: गोंचा बस्तर की रथयात्रा है। इसमें बांस की नली से बनी तुपकी चलाने की अनोखी परंपरा है, जो इसे पुरी की रथयात्रा से अलग पहचान देती है।

प्रश्न 30. “मड़ई” के बारे में सही कथन कौन-सा है?

  • (A) जुलाई-अगस्त में लगने वाला नाव का मेला
  • (B) केवल शहर में लगने वाला व्यापार मेला
  • (C) हल पूजा का एक दिन
  • (D) फसल के बाद, दिसंबर से मार्च के बीच लगने वाला मेला, जिसमें स्थानीय देवता पूजे जाते हैं

उत्तर: (D)। व्याख्या: मड़ई अलग-अलग गांवों में बारी-बारी से भरती है और इसमें गांव के देवी-देवताओं को लाया जाता है।

प्रश्न 31. छेरछेरा पर्व किस तिथि को मनाया जाता है?

  • (A) पौष पूर्णिमा
  • (B) चैत्र नवमी
  • (C) आषाढ़ अमावस्या
  • (D) श्रावण पंचमी

उत्तर: (A) पौष पूर्णिमा। व्याख्या: फसल कटने के बाद बच्चे और युवा घर-घर जाकर धान मांगते हैं और “छेरछेरा” की आवाज लगाते हैं। यह दान और बांटने का पर्व है।

प्रश्न 32 से 37

प्रश्न 32. बस्तर दशहरा में मुख्य रूप से किस देवी की पूजा की जाती है?

  • (A) महामाया
  • (B) बम्लेश्वरी
  • (C) दंतेश्वरी
  • (D) चंद्रहासिनी

उत्तर: (C) दंतेश्वरी। व्याख्या: बस्तर दशहरा दंतेश्वरी देवी को समर्पित है। यह रावण दहन वाला दशहरा नहीं, बल्कि लगभग 75 दिनों तक चलने वाला देवी और रथ का पर्व माना जाता है।

प्रश्न 33. राजिम कुंभ किस अवधि में आयोजित होता है?

  • (A) चैत्र नवरात्र से रामनवमी
  • (B) माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि
  • (C) कार्तिक पूर्णिमा से देवउठनी
  • (D) श्रावण अमावस्या से रक्षाबंधन

उत्तर: (B) माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि। व्याख्या: राजिम मेले की शुरुआत माघ पूर्णिमा से होती है और यह महाशिवरात्रि तक चलता है।

प्रश्न 34. राजिम को “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहा जाता है, क्योंकि वहां किन नदियों का संगम है?

  • (A) अरपा, हसदेव और खारून
  • (B) इंद्रावती, शबरी और कोटरी
  • (C) महानदी, पैरी और सोंढूर
  • (D) शिवनाथ, मनियारी और जोंक

उत्तर: (C) महानदी, पैरी और सोंढूर। व्याख्या: इन तीन नदियों का त्रिवेणी संगम राजिम में है। यहां का राजीव लोचन मंदिर विष्णु को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है।

प्रश्न 35. “चक्रधर समारोह” किस शहर में आयोजित होता है?

  • (A) अंबिकापुर
  • (B) जगदलपुर
  • (C) कोरबा
  • (D) रायगढ़

उत्तर: (D) रायगढ़। व्याख्या: यह समारोह रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह की स्मृति में होता है, जो कथक के रायगढ़ घराने के संस्थापक माने जाते हैं और तबला व पखावज के भी जानकार थे। इसमें शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां होती हैं।

प्रश्न 36. किस स्थान को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है?

  • (A) सिरपुर
  • (B) भोरमदेव
  • (C) राजिम
  • (D) आरंग

उत्तर: (B) भोरमदेव। व्याख्या: कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव मंदिर अपनी पत्थर की नक्काशी के कारण यह उपमा पाता है। यह शिव मंदिर है।

प्रश्न 37. हरेली के दिन बच्चे और युवा बांस की किस चीज़ पर चलकर खेलते हैं?

  • (A) गेड़ी
  • (B) तुपकी
  • (C) सूपा
  • (D) मांदर

उत्तर: (A) गेड़ी। व्याख्या: गेड़ी बांस की बनी ऊंची पैरों वाली लकड़ी (स्टिल्ट) है, जो हरेली की पहचान है। तुपकी गोंचा से जुड़ी है और मांदर एक वाद्य है।

भाग 4: धर्म, स्थल और साहित्य (प्रश्न 38 से 50)

Chhattisgarh GK Practice Set 3 के आखिरी भाग में संत-परंपराएं, प्राचीन मंदिर, साहित्यकार और राज्य के प्रतीक हैं। यहां नाम और उपाधि का मिलान सबसे ज्यादा काम आता है, जैसे “पाणिनि” किसे कहा गया और “खजुराहो” किसे।

प्रश्न 38 से 44

प्रश्न 38. सतनाम पंथ के प्रवर्तक कौन हैं?

  • (A) गुरु नानक
  • (B) संत रविदास
  • (C) संत कबीर
  • (D) गुरु घासीदास

उत्तर: (D) गुरु घासीदास। व्याख्या: उन्होंने “सतनाम” यानी सत्य और समानता का संदेश दिया। उनका जन्म 18 दिसंबर 1756 को माना जाता है।

प्रश्न 39. गुरु घासीदास का जन्मस्थान गिरौदपुरी किस जिले में है?

  • (A) दुर्ग
  • (B) बलौदाबाजार-भाटापारा
  • (C) महासमुंद
  • (D) कांकेर

उत्तर: (B) बलौदाबाजार-भाटापारा। व्याख्या: गिरौदपुरी सतनामी समाज का प्रमुख तीर्थ है।

प्रश्न 40. सतनामी समाज में “जैतखाम” क्या है?

  • (A) राजा का विजय-स्तंभ
  • (B) हल का प्रतीक
  • (C) सत्य का प्रतीक, सफेद झंडे वाला लकड़ी का खंभा
  • (D) मेले का प्रवेश द्वार

उत्तर: (C)। व्याख्या: जैतखाम सफेद रंग से पुता लकड़ी का खंभा है, जिसके ऊपर सफेद झंडा फहरता है। पंथी नृत्य इसी के चारों ओर होता है।

प्रश्न 41. देवरानी-जेठानी मंदिर किस गांव में स्थित है, जिसे राज्य के सबसे पुराने मंदिरों में गिना जाता है?

  • (A) सिरपुर
  • (B) राजिम
  • (C) ताला
  • (D) आरंग

उत्तर: (C) ताला। व्याख्या: ताला गांव (बिलासपुर क्षेत्र) का यह मंदिर लगभग 5वीं-6वीं सदी का माना जाता है।

प्रश्न 42. किस नगर को “मंदिरों की नगरी” कहा जाता है?

  • (A) आरंग
  • (B) रतनपुर
  • (C) खरौद
  • (D) सिरपुर

उत्तर: (A) आरंग। व्याख्या: रायपुर जिले का आरंग अपने प्राचीन मंदिरों की भरमार के कारण यह नाम पाता है।

प्रश्न 43. “छत्तीसगढ़ की काशी” किसे कहा जाता है?

  • (A) रतनपुर
  • (B) खरौद
  • (C) चंपारण
  • (D) सिरपुर

उत्तर: (B) खरौद। व्याख्या: खरौद को शैव परंपरा के कारण छत्तीसगढ़ की काशी कहा जाता है।

प्रश्न 44. दंतेवाड़ा शहर, जहां मां दंतेश्वरी का प्रसिद्ध मंदिर है, किन दो नदियों के किनारे बसा है?

  • (A) शंखिनी और डंकिनी
  • (B) अरपा और हसदेव
  • (C) महानदी और पैरी
  • (D) शिवनाथ और खारून

उत्तर: (A) शंखिनी और डंकिनी। व्याख्या: दंतेवाड़ा इन दोनों नदियों के किनारे है। नाम कई जगह थोड़ी अलग वर्तनी में मिलता है, पर जोड़ी यही है।

प्रश्न 45 से 50

प्रश्न 45. “तालाबों की नगरी” के नाम से कौन-सा ऐतिहासिक नगर जाना जाता है?

  • (A) कोरबा
  • (B) रतनपुर
  • (C) जगदलपुर
  • (D) कांकेर

उत्तर: (B) रतनपुर। व्याख्या: बिलासपुर के पास स्थित रतनपुर अपने कई तालाबों और प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 46. “छत्तीसगढ़ का पाणिनि” किसे कहा जाता है?

  • (A) गोपाल मिश्र
  • (B) माधवराव सप्रे
  • (C) पदुमलाल पन्नालाल बख्शी
  • (D) हीरालाल काव्योपाध्याय

उत्तर: (D) हीरालाल काव्योपाध्याय। व्याख्या: उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के व्याकरण पर काम किया, इसलिए उन्हें पाणिनि कहा जाता है। गोपाल मिश्र को “छत्तीसगढ़ का वाल्मीकि” कहा जाता है।

प्रश्न 47. “एक टोकरी भर मिट्टी” कहानी के रचयिता कौन हैं, जिसे पहली हिंदी कहानी माना जाता है?

  • (A) पदुमलाल पन्नालाल बख्शी
  • (B) माधवराव सप्रे
  • (C) हबीब तनवीर
  • (D) नरेंद्र देव वर्मा

उत्तर: (B) माधवराव सप्रे। व्याख्या: सप्रे जी ने 1900 में पेंड्रा से “छत्तीसगढ़ मित्र” पत्रिका भी निकाली, जिससे इस अंचल में हिंदी पत्रकारिता की नींव मानी जाती है।

प्रश्न 48. राजनांदगांव के त्रिवेणी संग्रहालय में जिन साहित्यकार का स्मारक है और जिनकी प्रसिद्ध कविता “ब्रह्मराक्षस” है, वे कौन हैं?

  • (A) गजानन माधव मुक्तिबोध
  • (B) जयशंकर प्रसाद
  • (C) निराला
  • (D) सुमित्रानंदन पंत

उत्तर: (A) गजानन माधव मुक्तिबोध। व्याख्या: मुक्तिबोध का राजनांदगांव से गहरा नाता रहा और “चांद का मुंह टेढ़ा है” जैसी कृतियां उनकी पहचान हैं।

प्रश्न 49. छत्तीसगढ़ का राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” किसने रचा?

  • (A) हबीब तनवीर
  • (B) हीरालाल काव्योपाध्याय
  • (C) नरेंद्र देव वर्मा
  • (D) विनोद कुमार शुक्ल

उत्तर: (C) नरेंद्र देव वर्मा। व्याख्या: गीत के बोल और धुन दोनों उन्हीं के हैं। इसे नवंबर 2019 में राज्य गीत का दर्जा मिला। अरपा और पैरी राज्य की दो प्रमुख नदियां हैं।

प्रश्न 50. छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु और राजकीय पक्षी क्रमशः कौन-से हैं?

  • (A) बाघ और मोर
  • (B) हाथी और सारस
  • (C) तेंदुआ और तोता
  • (D) वन भैंसा और पहाड़ी मैना

उत्तर: (D) वन भैंसा और पहाड़ी मैना। व्याख्या: राज्य पशु वन भैंसा और राज्य पक्षी पहाड़ी (बस्तर) मैना है। राज्य वृक्ष साल (सरई) है।

Chhattisgarh GK Practice Set 3 का स्कोर कैसे जांचें

अब कॉपी निकालिए और गिनिए कि 50 में से कितने सही निकले। फिर नीचे की तालिका से अपना स्तर समझ लीजिए। यह सिर्फ एक मोटा अंदाजा है, कोई आधिकारिक पैमाना नहीं।

सही उत्तर आपकी स्थिति अब क्या करें
40 से 50 बहुत अच्छी पकड़ सिर्फ गलत प्रश्न दोहराएं और अगला सेट शुरू करें
30 से 39 ठीक-ठाक तैयारी कमजोर भाग का नोट्स दोबारा पढ़ें, फिर यही सेट एक हफ्ते बाद हल करें
20 से 29 आधार बन रहा है जनजाति और त्योहारों की तालिका बनाकर रोज 15 मिनट पढ़ें
20 से कम शुरुआत का दौर घबराएं नहीं, पहले हर भाग की भूमिका पढ़ें और फिर सेट दोबारा हल करें

अगर आप Chhattisgarh GK Practice Set 3 में किसी एक भाग में लगातार कमजोर निकल रहे हैं, तो उसी भाग के सवालों को दो दिन तक रोज 10 मिनट देना बेहतर रहेगा। पूरा सेट बार-बार करने से अच्छा है कि कमजोर हिस्से पर थोड़ा-थोड़ा रोज काम हो।

एक नजर में रिवीजन टेबल

परीक्षा से पहले आखिरी दिन पूरी पोस्ट दोबारा पढ़ने का समय नहीं होता। इसलिए नीचे वह सारांश है जो एक नजर में याद दिला देगा। यह तालिका सिर्फ इसी सेट के तथ्यों पर बनी है।

विषय याद रखने लायक तथ्य
सबसे बड़ी जनजाति गोंड
पांच PVTG अबूझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार, पहाड़ी कोरवा
पंथी नृत्य सतनामी समाज, माघी पूर्णिमा, जैतखाम के चारों ओर
राउत नाच यादव समुदाय, दीवाली के चौथे दिन से देवउठनी एकादशी तक
सुवा नृत्य तोता नृत्य, महिलाएं
पंडवानी महाभारत की कथा, झाड़ूराम देवांगन जनक, तीजन बाई कापालिक शैली, पद्म विभूषण 2019
ढोकरा बस्तर, मोम-ढलाई, घड़वा कारीगर
कोसा कोरबा और चांपा
हरेली श्रावण अमावस्या, औजार, गेड़ी
पोला भाद्रपद अमावस्या, बैल
छेरछेरा पौष पूर्णिमा, धान का दान
गोंचा बस्तर, रथयात्रा, तुपकी
बस्तर दशहरा दंतेश्वरी देवी, रथ
राजिम कुंभ माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि, महानदी-पैरी-सोंढूर संगम
चक्रधर समारोह रायगढ़, राजा चक्रधर सिंह, कथक
उपाधियां भोरमदेव खजुराहो, खरौद काशी, राजिम प्रयाग, आरंग मंदिरों की नगरी, रतनपुर तालाबों की नगरी
साहित्य काव्योपाध्याय पाणिनि, सप्रे एक टोकरी भर मिट्टी, मुक्तिबोध ब्रह्मराक्षस
राज्य प्रतीक वन भैंसा, पहाड़ी मैना, साल, गीत “अरपा पैरी के धार”

संस्कृति के तथ्य याद रखने की आसान तरकीबें

संस्कृति के तथ्य रटने में बोरिंग लगते हैं, लेकिन थोड़ा ढंग बदल दें तो ये सबसे जल्दी याद होने वाला विषय बन जाता है। यहां कुछ तरीके हैं जो अक्सर काम आते हैं।

1. Chhattisgarh GK Practice Set 3 के तथ्य जोड़ी बनाकर याद करें

हर तथ्य को दो चीज़ों की जोड़ी में सोचिए: नृत्य और समुदाय, त्योहार और महीना, शिल्प और जगह। जैसे “पंथी-सतनामी”, “पोला-बैल”, “ढोकरा-बस्तर”, “कोसा-चांपा”। फ्लैशकार्ड पर एक तरफ पहला शब्द और दूसरी तरफ उसकी जोड़ी लिखें, और रोज दस कार्ड देख लें।

2. कैलेंडर बनाइए

साल भर के त्योहारों को महीनों के हिसाब से एक पन्ने पर उतार लें। श्रावण में हरेली, भाद्रपद में पोला और तीजा, कार्तिक के आसपास राउत नाच, पौष में छेरछेरा, माघ में राजिम कुंभ। जब पूरी कहानी एक पन्ने पर दिखती है तो दिमाग उसे चित्र की तरह याद रखता है।

3. उपाधियों की तुकबंदी

खजुराहो-भोरमदेव, काशी-खरौद, प्रयाग-राजिम, पाणिनि-काव्योपाध्याय। इन्हें लय में दोहराइए, जैसे कोई छोटी कविता। हंसी आए तो भी ठीक है, क्योंकि जो चीज़ हंसी के साथ याद होती है, वह जल्दी नहीं भूलती।

4. गलती वाला रजिस्टर

Chhattisgarh GK Practice Set 3 हल करते समय एक छोटा रजिस्टर रखिए जिसमें सिर्फ वे तथ्य हों जो आपने एक बार गलत किए। हर रविवार सिर्फ यही रजिस्टर पढ़िए। पूरी किताब दोबारा पढ़ने के मुकाबले यह तरीका कहीं कम समय लेता है।

5. समय का हिसाब

अगर आपके पास रोज़ सीमित समय है, तो राज्य का सामान्य ज्ञान हफ्ते में चार दिन आधे घंटे में कर लें और बाकी दिन गणित-रीजनिंग या विज्ञान को दें। पूरे साल की योजना बनाने के लिए परीक्षा तैयारी का टाइमटेबल देख सकते हैं, और अलग-अलग परीक्षाओं की संभावित तारीखें जानने के लिए परीक्षा कैलेंडर वाली पोस्ट पढ़ें।

और हां, केवल राज्य GK पर ही अटके न रहें। गणित और रीजनिंग का अभ्यास असिस्टेंट ग्रेड 3 के लिए मैथ्स-रीजनिंग प्रैक्टिस सेट में और विज्ञान-कंप्यूटर का अभ्यास सामान्य विज्ञान और कंप्यूटर प्रैक्टिस सेट में कर सकते हैं।

आम गलतियां और सावधानियां

  • हर तथ्य स्रोत के हिसाब से अलग हो सकता है। कई जगह तारीखें, संख्या या वर्तनी अलग मिलती है। जैसे किसी पुरस्कार का वर्ष एक किताब में एक और दूसरी में दूसरा लिखा मिल सकता है। परीक्षा में वही मानिए जो आपकी मानक पाठ्य-पुस्तक या सरकारी स्रोत में लिखा हो।
  • “सबसे” और “पहला” वाले दावों से सावधान रहें। जब कोई प्रश्न कहता है “सबसे पुराना” या “पहली”, तो उत्तर तय करने से पहले जरूर देख लें कि कौन-सा स्रोत ऐसा कह रहा है।
  • फर्जी वेबसाइट और झांसे। भर्ती या परीक्षा के नाम पर पैसे मांगने वाली किसी वेबसाइट, एजेंट या सोशल मीडिया पेज पर भरोसा न करें। चयन का कोई शॉर्टकट नहीं होता और कोई भी नौकरी की गारंटी नहीं दे सकता।
  • OTP, पासवर्ड और निजी जानकारी कभी साझा न करें। आवेदन या लॉगिन का ओटीपी, पासवर्ड या बैंक विवरण किसी को न बताएं, चाहे वह खुद को किसी भी विभाग का बताए।
  • सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट देखें। परीक्षा की तिथि, पाठ्यक्रम और नियम हमेशा आधिकारिक विज्ञापन से मिलाइए। हम यहां जो भी बताते हैं, वह तैयारी में मदद के लिए है, अंतिम निर्णय आधिकारिक सूचना का ही होता है।
  • सिर्फ Chhattisgarh GK Practice Set 3 पर निर्भर न रहें। अच्छी तैयारी के लिए कई स्रोतों से पढ़ें और पिछले साल के प्रश्न भी देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Chhattisgarh GK Practice Set 3 में कितने प्रश्न हैं?

इसमें कुल 50 प्रश्न हैं, जो चार भागों में बंटे हैं: जनजातियां, लोक नृत्य व कला, त्योहार व मेले, और धर्म, स्थल व साहित्य।

2. क्या हर उत्तर की पुष्टि की गई है?

हां, हमने हर उत्तर को भरोसेमंद स्रोतों से मिलाया है और जिस प्रश्न पर पूरा भरोसा नहीं हुआ, उसे हटा दिया है। फिर भी किसी भी परीक्षा के लिए अपनी मानक किताब से एक बार मिलान कर लेना अच्छी आदत है।

3. यह सेट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

छत्तीसगढ़ की सामान्य ज्ञान वाली किसी भी परीक्षा की तैयारी में यह काम आ सकता है। आपकी परीक्षा में कितने प्रश्न आएंगे, यह उसके पाठ्यक्रम पर निर्भर है, इसलिए पाठ्यक्रम आधिकारिक विज्ञापन में देखें।

4. क्या इसमें नेगेटिव मार्किंग है?

यह अभ्यास सेट है, इसलिए यहां कोई अंक नहीं कटते। असली परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग है या नहीं, यह विज्ञापन में लिखा होता है।

5. मुझे कितने समय में 50 प्रश्न हल करने चाहिए?

शुरुआत में 30 से 35 मिनट लीजिए, फिर धीरे-धीरे 25 मिनट के आसपास आने की कोशिश करें।

6. PVTG के नाम कैसे याद रखें?

पांचों के पहले अक्षर जोड़कर एक वाक्य बना लें: अबूझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार, पहाड़ी कोरवा। अपनी मर्जी का कोई मजेदार वाक्य बनाइए जो आपको याद रहे।

7. बस्तर दशहरा कितने दिन चलता है?

इसे आम तौर पर लगभग 75 दिनों का पर्व बताया जाता है। कुछ स्रोत मुख्य उत्सव के दस दिन गिनते हैं, इसलिए परीक्षा के लिए अपनी मानक किताब में लिखा पैमाना मानें।

8. क्या पिछले साल के प्रश्न भी देखने चाहिए?

जरूर देखिए। इससे पता चलता है कि परीक्षा में प्रश्नों का स्तर कैसा रहा और कौन-से विषय से ज्यादा आते हैं।

9. अगर उत्तर गलत हो जाए तो क्या करें?

घबराइए मत। उस प्रश्न की व्याख्या पढ़िए, उसे अपने “गलती वाले रजिस्टर” में लिखिए और तीन दिन बाद दोबारा जांचिए।

10. क्या यह सेट मोबाइल पर आराम से हल हो सकता है?

हां, पोस्ट मोबाइल पर आसानी से पढ़ी जा सकती है। बस उत्तर को देखने से पहले अपनी कॉपी पर विकल्प लिख लें।

11. Chhattisgarh GK Practice Set 3 के बाद और सेट कहां मिलेंगे?

हमारी साइट पर इतिहास, भूगोल, गणित-रीजनिंग और विज्ञान-कंप्यूटर के सेट भी हैं, जिनके लिंक नीचे संबंधित पोस्ट में दिए गए हैं। नए अपडेट के लिए WhatsApp चैनल देखते रहें।

12. क्या इस पोस्ट से चयन की गारंटी मिलती है?

नहीं। कोई भी पोस्ट या कोचिंग चयन की गारंटी नहीं दे सकती। यह सिर्फ अभ्यास और जानकारी के लिए है, मेहनत और नियमित अभ्यास ही आपके काम आएगा।

अगर यह Chhattisgarh GK Practice Set 3 आपके काम आया, तो इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें और WhatsApp चैनल से जुड़कर अगले सेट की सूचना सबसे पहले पाएं। तैयारी में लगे रहिए, छोटे-छोटे सेट ही बड़ी तैयारी बनाते हैं।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। नियम, तारीखें और प्रक्रिया बदल सकती हैं, इसलिए हमेशा आधिकारिक सूचना देखें। CG Vyapam Live किसी सरकारी विभाग से संबद्ध नहीं है।

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